विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

  15 अगस्त 1947 का वह दिन जिस दिन भारत विश्व के मानचित्र पर एक नया देश आजाद मुल्क बनकर उभरा




 अनेकों  स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियां, उनकी कड़ी मेहनत ,उनके जज्बे के कारण भारत आजाद हुआ जिनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता

भगत सिंह ,राजगुरु, सुखदेव जो हंसते-हंसते फांसी पर लटक गए सिर्फ देश को आजाद करवाने के लिए,रानी लक्ष्मीबाई, बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र  ,मंगल पांडे, सरदार पटेल ,पंडित नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री अनेकों अनगिनत नाम जिन्होंने देश को आजाद करवाने के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया

 


 आज मैं उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूं जिन्होंने भारत को आजाद कराने का सपना देखा और जिन्होंने खुद के प्राण न्यौछावर कर दिए ताकि हम एक स्वतंत्रत भारत में सांस ले सकें।

हमें आजादी तो मिली लेकिन साथ ही देश को एक बहुत बड़ा  घाव भी लगा  देश के दो टुकड़े कर दिए गए








14 अगस्त का दिन ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने की न याद दिलाता है 

14 अगस्त 1947 का  वह दिन जब हमारे देश के लोग अपने ही देश में पराए हो गए थे अपने ही देश में शरणार्थी की तरह रहने को मजबूर हो गए थे अनेकों लोगों की मौतें हुई ,अनेकों लोग लगभग 2 करोड परिवार इस त्रासदी से प्रभावित हुए, हमें आजादी तो मिली लेकिन ऐसी भयंकर त्रासदी के साथ जो देश आज तक नहीं भुला पा रहा है अनेकों परिवार बिछड़ गए अनेकों लोगों ने अपने जानने वालों को खोया ,लोग अपना घर बार छोड़कर आए तो यही सोच करते कि हम कुछ दिनों के लिए ही छोड़कर जा रहे हैं लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह  जिंदगी भर रहेगा और वह वापस अपने देश अपने घरों को नहीं जा पाएंगे 

आइए उन सभी देशवासियों और  वीर सपूतों को नमन करें और जिन्होंने हमें आजादी दिलवाई हमारे स्वतंत्रता सेनानी जिस कारण आज हम अपने देश में आजाद भारत में चैन की सांस ले पा रहे हैं, लेकिन  आज भी आजादी के इतने वर्ष बाद भी हम वैसा सपनों का देश नहीं बना पाए जैसा हमारा स्वतंत्रता सेनानियों ने सोचा था, हम महात्मा गांधी,सुभाष चंद्र बोस ,भगत सिंह, सरदार उधम सिंह,जवाहरलाल नेहरू ,सरदार पटेल अनेकों स्वतंत्रता सेनानियों ने जैसा सोचा था वैसा देश शायद हम नहीं बना पाए ,हम आज भी आजादी के 77 साल बाद भी देश को पूर्ण रूप से गरीबी मुक्त नहीं कर पाए,  शिक्षा और स्वास्थ्य सभी के दरवाजे तक नहीं पहुंच पाए ,आज भी हम जाति धर्म की उलझन में बंधे हुए हैं,  ज भी हम देश में आधी आबादी यानी महिलाओं को उनका पूरा हक नहीं दे पाए है , आज भी हम उनके 33% आरक्षण की बात करते हैं जबकि वह आबादी के 50% भाग को रिप्रेजेंट करती है  

 आइए इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सब ऐसा भारत मिलकर  बनाने का संकल्प ले  जो दूसरों को नई राह पर चलने का संदेश दे ,जो दूसरों को ज्ञान बांटे ,हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, हमारे फौजी जो  हमारी रक्षा कर रहे हैं उनका धन्यवाद करें और इस आजादी को ऐसे ही बनाए रखें और भारत को विश्व शक्ति बनाने में अपना पूर्ण से पूर्ण योगदान दें ताकि हमारा भारत विश्व के मानचित्र पर एक ऐसा दिखे जो हमेशा दूसरे देशों को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाएं  

हमें गर्व होना चाहिए कि  हम ऐसे देश में रहते हैं जहां धरती ,जल, वायु ,वृक्ष सभी की हम पूजा करते हैं सभी में हम भगवान देखते हैं, हमें  गर्व होनाचाहिए कि हम ऐसे देश में रहते हैंजहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी एक साथ एक दूसरे के साथ मिलकर रहते हैं और  एक दूसरे के त्यौहार सभी  मिलकर मनाते हैं  यही तो हमारे देश की खासियत है 

हम भारतवासी तो वैसे भी वसुदेव कुटुंबकम की विचारधारा पर विश्वास करते हैं मतलब हम तो पूरे विश्व को अपने परिवार की तरह मानते हैं  आइए इस  सोच को प्रबल रखकर भारत को नई राह पर और विश्व गुरु बनाने में अपना हर तरह से योगदान दें


आइए, उन वीर सपूतों को नमन करें, जिन्होंने ‘विभाजन की विभीषिका’ झेली है

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