World Happiness Report 2023

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World Happiness Report 2023

 हाल ही में वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट जारी की गयी है, जिसमें दुनिया के देशों को विभिन्न मानकों के आधार पर रैंकिंग दी गयी है. फ़िनलैंड एक बार फिर दुनिया के सबसे खुशहाल देश के रूप में उभरा है. यह रैंकिंग संयुक्त राष्ट्र सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क द्वारा प्रकाशित किया गया है.



World happiness report 2023: आपने कभी ना कभी सोचा होगा आखिर दुनिया का सबसे ज्यादा देश खुश कौन है वह कौन सा देश है जो हमेशा जहां के लोग खुश रहते हैं और वह कौन सा देश जहां के लोग हमेशा दुखी रहते हैं, अगर आपको हम जवाब दें तो संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट के अनुसार यह देश फिनलैंड है और सबसे दुखी देश अफगानिस्तान ,यह रिपोर्ट इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस के मौके पर 20 मार्च 2023 को प्रकाशित हुई ,वर्ल्ड हैप्पीनेस रैंक में फ़िनलैंड लगातार छठे वर्ष शीर्ष पर रहा जबकि अफ़ग़ानिस्तान सबसे निचले पायदान पर रहा, यह स्थिति 2021 में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की वापसी से पहले थी. साथ ही लगातार चौथे साल भी यूके हैप्पीनेस स्कोर में नीचे फिसला है.

वही लिथुआनिया और चेक गणराज्य फ्रांस से आगे हैं, लेकिन जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड सभी नॉर्डिक देशों से पीछे हैं. अफगानिस्तान को लगातार दूसरे वर्ष दुनिया के सबसे दुखी देश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है जो लिस्ट में सबसे नीचे है.

इस रिपोर्ट को कई अर्थशास्त्रियों द्वारा संकलित किया गया है, जिसमें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर रिचर्ड लेयर्ड और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जेफरी सैस (Jeffrey Sachs) शामिल हैं. 

"वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट पहली बार 10 साल पहले, 2012 में जारी की गई थी. वर्तमान रिपोर्ट में केवल 2019-2021 को शामिल किया गया है. वर्तमान रिपोर्ट "2019 से 2021 तक के डेटा कवरिंग के आधार पर राष्ट्रीय खुशहाली की सामान्य रैंकिंग और मॉडलिंग" प्रस्तुत करती है.



क्या है रैंकिंग का मानक?

र्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2023 में इस बात को शामिल किया गया है कि प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद, सामाजिक समर्थन, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, जीवन विकल्प चुनने की स्वतंत्रता कैसी है. साथ ही इसमें उदारता और भ्रष्टाचार से मुक्ति जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है.

  1.  real GDP per capita-   प्रति व्यक्ति जीडीपी का मतलब है किसी देश में प्रति व्यक्ति कितना उत्पादन होता है | यह  बताती है कि किसी देश में प्रति व्यक्ति के हिसाब से आर्थिक उत्पादन कितना है इसकी गणना किसी देश के कुल जीडीपी में वहां की कुल जनसंख्या का भाग देकर निकाला जाता है ,इसे किसी देश की आर्थिक समृद्धि मापने के लिए जीडीपी से बेहतर पैमाना आजकल माना जा रहा है, यह आंकड़े हर देश के लिए मौजूद होते हैं और इसका आसानी से पता लगाया जाता है जा सकता है लेकिन बाकी सभी पैमानों का पता सर्वे के आधार पर किया जाता है |
  2.  social support- इसमें सर्वे के दौरान यह सवाल पूछा जाता है  कि क्या उनके पास रिश्तेदार ,दोस्त या ऐसा समाज है जो मुसीबत के समय उनकी मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहें?
  3. healthy life expectancy- इसमें लोगों से पूछा जाता है कि उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य कैसा है ?
  4.  freedom to make life choices-  इसमें लोगों से यह पूछा जाता है कि आपको अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने की कितनी आजादी है? कि आपके पास अपने जीवन के महत्वपूर्ण  फैसले लेने की कितनी आजादी है और आप  उस आजादी से कितना संतुष्ट हैं ?
  5. generosity- इसका मतलब है उदारता इसमें लोगों से पूछा जाता है कि उन्होंने पिछले कुछ समय में कितना दान किया ,इससे उस समाज पता लगता है कि कि वहां के  लोग कितने उदार है
  6.  perceptions of corruption- यानी भ्रष्टाचार के प्रति लोगों की धारणा इस इसमें लोगों से यह पूछा जाता है कि क्या उनके देश की सरकार में भ्रष्टाचार है या नहीं ?, लोगों की भ्रष्टाचार के प्रति क्या धारणा है  

रैंकिंग के टॉप 10 देश:

वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में निचले पायदान के 10 देश:



क्या है भारत की स्थिति?

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2023 के तहत, तीन साल के औसत 2020-2022 के आधार पर हैप्पीनेस रैंकिंग में भारत 126वें स्थान पर है. भारत की यह रैंकिंग 2020-2022 में जीवन मूल्यांकन (Life Evaluations) पर आधारित है. इसमें भारत का औसत जीवन मूल्यांकन स्कोर 4.036 है. 

भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान 108वें, श्रीलंका 112वें, बांग्लादेश 118वें स्थान पर है. नेपाल इन देशों से अच्छी स्थिति में है और लिस्ट में 78वें स्थान पर काबिज है. चीन 64वें स्थान पर है.



फिनलैंड की खुशहाली का राज

फिनलैंड में वहां के लोगों के लिए अच्छी शिक्षा जो ज्यादातर बिल्कुल मुफ्त है, बेहतर हेल्थ ,बेहतर लाइफटाइम और कई चीजें सरकार मुहैया करवाती है , वहां के लोग जितनी कोशिश अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए करते हैं उतना ही कोशिश वहां की सरकार भी अपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए करती है | फिनलैंड में मिडिल क्लास के बहुत ज्यादा है , यहां गरीबी बहुत कम है बावजूद इसके यहां के लोग अपने दौलत का दिखावा नहीं करते हैं | यहां के सबसे गरीब व्यक्ति के पास भी रहने के लिए अपना घर है यही वजह है कि पिछले 6 सालों से  वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में पहले नंबर पर बना हुआ है

निष्कर्ष

क्या एक रिपोर्ट से किसी देश की खुशहाली का पता लगाया जा सकता है? वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट के अनुसार भारत का स्थान 137 देशों की सूची में 126 है और अफगानिस्तान का 137, पाकिस्तान ,बांग्लादेश और भारत के पड़ोसी देशों को एशिया में भारत से ऊपर दर्शाया गया है ,लेकिन अगर हम इस सर्वे के सैंपल साइज की बात करें तो यह केवल 1000  लोग मतलब कि 140 करोड लोगों के देश में सिर्फ एक हजार लोगों पर सर्वे करके यह रिपोर्ट बनाई गई है मतलब की .0001%  | क्या 1000 लोग  140 करोड़ देशवासियों की खुशहाली का पता लगा सकते हैं ? वह भारत देश जिसमें हर रोज एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है ,हर पल लोग खुशी से जीते हैं ऐसा नहीं कि हमारे देश में गरीबी नहीं है पर फिर भी लोग अच्छे से व्यतीत करते हैं ,पाकिस्तान और श्रीलंका जहां लोगों को जरूरी वस्तुओं के लिए भी लड़ना पड़ रहा है और इस रिपोर्ट में उन्हें भारत से ज्यादा खुशहाल दर्शाया गया है 

लेकिन हमें भी ऐसे और महत्वपूर्ण कदम  उठाने होंगे, सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाना होगा ताकि लोग मुसीबत के समय अकेला ने महसूस करें हमें ऐसी और नीतियां बनानी होंगी ताकि देश के लोग सामाजिक सुरक्षा और मुसीबत के समय अकेला न महसूस करें |

 यह आप पर मैं छोड़ता हूं कि आप इस रिपोर्ट को कितना सही मानते हैं किसी देश की खुशहाली जानने के लिए??

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