ब्लैक फंगस के मामलों में बढ़ोतरी के बाद अब 'व्हाइट फंगस', जानिए क्या है ये नई आफत

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ब्लैक फंगस के मामलों में बढ़ोतरी के बाद अब 'व्हाइट फंगस', जानिए क्या है ये नई आफत

 

ब्लैक फंगस के मामलों में बढ़ोतरी के बाद अब 'व्हाइट फंगस', जानिए क्या है ये नई आफत  

 
भारत में ब्लैक फंगस संक्रमण की बढ़ोतरी कई राज्यों में दर्ज हुई है और महामारी के तौर पर घोषित किया गया है. अब एक नई मुसीबत 'व्हाइट फंगस' का खतरा पैदा हो गया है. अब तक की उपलब्ध जानकारी के हिसाब से ये नई आफत ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है.


कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से देश में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ गया है और कई राज्यों में ब्लैक फंगस ने कई मरीजों की जान ले ली है। 
ऐसे कोरोना मरीज जिनका शुगर कंट्रोल नहीं रहता, कैंसर का भी उपचार करा रहे हों, अन्य किसी रोग के लिए स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक दवा का ज्यादा मात्रा में सेवन कर रहे हों या फिर ऑक्सीजन सपोर्ट पर हों, उन्हें ब्लैक फंगस का ज्यादा खतरा रहता है। 
ब्लैक फंगस रोग के संक्रमण को देखते हुए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं जिनके जरिए रोगी में ब्लैक फंगस संक्रमण की पहचान की जा सकती है और साथ में यह भी बताया है कि ब्लैक फंगस होने पर रोगी क्या कदम उठाएं।
ब्लैक फंगस संक्रमण होने के लक्ष्ण
  • नाक से काला द्रव या खून की पपड़ी निकलनानाक का बंद होना
  • सिरदर्द या आंखों में दर्द,आंखों के आसपास सूजन आना, धूंधला दिखना, 
  • आंखे लाल होना, 
  • आंखों की रोशनी जाना, 
  • आंख खोलने और बंद करने में परेशानी महसूस करना
  • चेहरा सुन्न हो जाना, चेहरे में झुरझुरी महसूस 
ब्लैक फंगस होने का शक हो तो क्या करें
  • ब्लैक फंगस की जांच के बाद कुछ भी शक हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें,
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार लगातार उपचार करवाएं,
  • ब्लड सुगर को कंट्रोल में रखने का पूसा प्रयास करें,
  • किसी अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हों तो उनकी दवाई का लगातार सेवन करते रहें,अपने आप किसी भी तरह की दवा का सेवन न करें,
  • अगर डाक्टर सलाह दे तो MRI या CT स्कैन करवाएं

White Fungus: ब्लैक फंगस के मामलों का बढ़ना भारत के कई राज्यों में जारी है. केंद्र सरकार ने राज्यों को उसे महामारी के तौर घोषित करने को कहा है. इस बीच, व्हाइट फंगस के कम से कम चार मामलों का पता बिहार के पटना में चला है. गौर करनेवाली बात ये है कि व्हाइट फंगस संक्रमण के चार मरीजों में से एक पटना के मशहूर डॉक्टर हैं.

कई मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट फंगस का संक्रमण ब्लैक फंगस या म्यूकॉमिकोसिस ज्यादा खतरनाक है. हालांकि, इसका सबूत नहीं मिला है कि व्हाइट फंगस का संक्रमण अन्य राज्यों में फैल रहा है और न ही ये पता चल पाया है कि आखिर इस नए संक्रमण को क्या खतरनाक बनाता है. खबर के मुताबिक, पीएमसीएच में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर एसएन सिंह ने व्हाइट फंगस संक्रमण के चार मामलों का खुलासा किया था.

बताया जाता है कि उन्होंने ये भी कहा था कि हालांकि सभी मरीजों में कोविड-19 से मिलते जुलते लक्षण थे, लेकिन मरीज निगेटिव पाए गए. सौभाग्य से सभी मरीजों का एंटी-फंगल दवाइयों से इलाज किया गया. मेडिकल विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि जिस तरह कोविड-19 के गंभीर मामलों में अतिरिक्त स्कैन की जरूरत होती है, व्हाइट फंगस संक्रमण का पता लगाने के लिए HRCT से मिलता जुलता स्कैन की जरूरत पड़ सकती है. 



व्हाइट फंगस संक्रमण के लक्षण और अब तक की जानकारी
सीडीसी के मुताबिक, व्हाइट फंगस का संक्रमण मुख्य रूप से उस जगह निर्भर करता है जहां शरीर में फंगस बढ़ रहा है. डॉक्टरों ने चेतावनी ये जारी करते हुए दी है कि ब्लैक फंगस के विपरीत व्हाइट फंगस ज्यादा आसानी से लंग्स, किडनी, आंत, पेट, प्राइवेट पार्ट्स और यहां तक कि नाखुनों तक फैल सकता है और व्यापक संक्रमण की वजह बन सकता है. ब्लैक फंगस का गंभीर संक्रमण लंग्स को उसी तरह प्रभावित करता है जैसा कोविड-19 छाती दर्द और सांस की कमी के साथ.

अन्य लक्षण भी दूसरी बीमारी के साथ भ्रमित हो सकते हैं जिससे एंटी-फंगल इलाज में देरी हो सकती है. ब्लैक फंगस ज्यादा मृत्यु दर के लिए जाना जाता है, लेकिन व्हाइट फंगस के साथ ऐसा मामला है या नहीं, अभी अज्ञात है. इसके अलावा, व्हाइट फंगस का संक्रमण प्रेगनेन्ट महिलाओं और बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है.

लेकिन आज हमारा भारत इतने बड़े संकट से गुजर रहा है पहले कोरोना महामारी ,फिर ताऊ ते तूफान ,फिर ब्लैक फंगस ना जाने और  कौन-कौन सी और परेशानियों से जूझना पड़ेगा लेकिन हमें भारतीय को हिम्मत नहीं  हlरनी  है प्रत्येक परेशानी का डटकर सामना करना है और आवश्यक हम जीतेंगे |आज आधे से ज्यादा लोग हमारे देश में दहशत की वजह से मर रहे हैं किसी को कोरोना हो गया तो वह देहशत  से ही मर रहे हैं लेकिन हमें दृढ़ निश्चय रखना है हमारा  दृढ़ संकल्प इस बीमारी पर विजय पाने का ,अवश्य ही हमें विजय दिलाएगा और हम फिर से एक नई कल की ओर बढ़ चलेंगे|




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