महात्मा गांधी के विचार Slogan of mahatma gandhi

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महात्मा गांधी के विचार Slogan of mahatma gandhi


महात्मा गांधी एक नेता ही नहीं बल्कि एक निष्काम कर्म योगी सच्चे अर्थों में युगपुरुष थे जो केवल एक देश के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा स्त्रोत थे महात्मा गांधी एक नाम ही नहीं एक विचार है  जिसमें जिंदगी जीने का पूरा सार छिपा हुआ है आइए उनके विचारों पर नजर डाली और इनको जिंदगी में बनाए ताकि उस श्रेष्ठ भारत की कल्पना जो उनके द्वारा की गई थी उसको हम सफल करें
  •  हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जाएगा 
  • आदमी उसी पल महान बन जाता है जब वह दूसरों की सेवा में लग जाता है 
  • मौन रहना सबसे सशक्त भाषण है धीरे-धीरे दुनिया आप को सुनेगी
  •  यह स्वास्थ्य ही है जो सच्चा धन है ना कि सोना चांदी
  •  7 बड़े बाप: काम के बिना धन ,त्याग के बिना पूजा, मानवता के बिना विज्ञान, अंतरात्मा के बिना सुख, नैतिकता के बिना व्यापार ,चरित्र के बिना ज्ञान, सिद्धांत के बिना राजनीति,
  •  अगर संसार में बदलाव देखना चाहते हो तो खुद को बदलो
  •  वास्तविक सौंदर्य हृदय की पवित्रता में है, ना कि सुंदर वस्त्रों में 
  • अपने प्रयोजन में दृढ़ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर भी इतिहास के रुख को बदल सकता है 
  • ऐसे जियो कि तुम कल मरने वाले हो और ऐसे सीखो जैसे तुम कभी नहीं मरोगे
  •  यदि मनुष्य सीखना चाहे तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती हैं 
  • जब भी आपका सामने किसी विरोधी से हो उसे प्रेम और अहिंसा से जीते
  •  भविष्य में क्या होगा मैं यह नहीं सोचना चाहता मुझे वर्तमान की चिंता है ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है 
  • लंबे लंबे भाषणों से कही अधिक मूल्यवान है इंच भर कदम बढ़ाना 
  • आदमी अक्सर वह बन जाता है, जो वह होने में यकीन करता है अगर मैं खुद से यह कहता हूं कि मैं फ्ला चीज  नहीं कर सकता तो यह संभव है कि शायद सचमुच वह करने में मैं असमर्थ हो जाऊं ,इसके विपरीत अगर मैं यह निश्चित करता हूं, कि मैं यह चीज कर सकता हूं तो मैं निश्चित रूप से उसके करने की क्षमता पा लूंगा भले ही मेरे पास  क्षमता ना हो 
  • सत्य बिना जनसमर्थन के भी खड़ा रहता है वह आत्मनिर्भर है
  •  केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है जिसे आप दूसरे पर दूसरों पर छिड़कते हैं के तो उसकी बूंदे अवश्य ही आप भर भी पढ़ते हैं 
  • जिस दिन से एक महिला रात में सड़कों पर स्वतंत्र रूप से चलने लगी उस दिन से हम कह सकते हैं कि भारत में स्वतंत्रता हासिल कर ली है
  •   आंख के बदले में आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी 
  • शारीरिक शक्ति क्षमता से नहीं बल्कि एक अदम्य इच्छाशक्ति से आती है
  • मेरा जीवन ही मेरा संदेश है
उपरोक्त विचारों को अगर हमें जिंदगी में अपनाएं तो आज जो डिप्रेशन, परेशानियांं, घृणा ,नफरत , टेंशन, जो नौजवानों को पूरा दिन जकड़े रखती हैं उसे अवश्य ही हम दूर हो जाएंगे आइए गांधी जी के 150वीं वर्षगांठ पर शपथ लें कि उनके विचारों को हम जिंदगी में अपनाएंगे और एक श्रेष्ठ्  भारत का निर्माण करेंगेेेेे जिसकी  कल्पना स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी

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