प्रणब मुखर्जी (1935-2020)
25 जुलाई 2012 को भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाले प्रणब मुखर्जी जी एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, कुशल प्रशासक, देश सेवक और भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं उन्हें 26 जनवरी 2019 को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था
प्रणब मुखर्जी भारत सरकार के वित्त मंत्री ,विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री ,योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे चुके हैं. 1984 में दुनिया के बेजोड़ 5 वित्त मंत्रियों में उन्हें जगह मिली. 1969 से लगातार को 5 बार राज्यसभा और 2004 के बाद लगातार दो बार लोकसभा के सांसद रहे. 1997 में सर्वश्रेष्ठ सांसद के रूप में चुना गया. 2012 से 2017 तक उनके कार्यकाल में जीएसटी की शुरुआत एक उल्लेखनीय कदम माना जाता है.
प्रारंभिक जीवन
प्रणव मुखर्जी जी का जन्म पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में किरनाहर शहर के निकट स्थित मिराती गांव के एक ब्राह्मण परिवार में कामदा मुखर्जी और राज लक्ष्मी मुखर्जी के यहां हुआ था उनके पिता 1920 से कांग्रेस पार्टी के बंगाल विधान परिषद में सदस्य रहे उनके पिता एक सम्मानित स्वतंत्र सेनानी थे .प्रणब मुखर्जी ने कोलकाता विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर के साथ कानून की डिग्री भी हासिल की वह एक वकील और कॉलेज प्राध्यापक भी रह चुके हैं
राजनीतिक कैरियर
- प्रणब मुखर्जी जी का संसदीय कैरियर करीब 5 दशक पुराना है जो 1969 में कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य के रूप में शुरू हुआ था वह लगातार छह बार राज्यसभा में चुने गए
- 1984 में वह भारत के वित्त मंत्री बने सन 1984 में यूरोमनी ,पत्रिका के एक सर्वेक्षण में उनका विश्व के सबसे अच्छे वित्त मंत्री के रूप में मूल्यांकन किया गयाl वित्त मंत्री के रूप में प्रणव के कार्यकाल के दौरान डॉ मनमोहन सिंह भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे
- राजीव गांधी की सरकार में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया उस दौरान उन्होंने अपना राजनीतिक दल राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस का गठन किया लेकिन 1989 में राजीव गांधी जी के साथ समझौता होने पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी में विलय कर लिया
- पीवी नरसिम्हा राव जी की सरकार में उन्हें योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में और बाद में एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के तौर पर नियुक्त किया गया उन्हें राव के मंत्रिमंडल में 1995 से 96 तक पहली बार विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया 1997 में उन्हें उत्कृष्ट सांसद चुना गया
- 2004 में कांग्रेस के गठबंधन सरकार के रूप में सरकार बनाई तो प्रणव मुखर्जी जी को लोकसभा में सदन का नेता बनाया गया उन्हें रक्षा वित्त विदेश राज्य परिवहन संचार वाणिज्य और उद्योग समेत विभिन्न मंत्रालयों के मंत्री होने का गौरव प्राप्त है 2009 के लोकसभा चुनावों से पहले जब मनमोहन जी ने अपनी सर्जरी करवाई प्रणव दा विदेश मंत्रालय में मंत्री होने के बावजूद कैबिनेट समिति के अध्यक्ष व वित्त मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री का अतिरिक्त प्रभार लेकर मंत्री मंडल के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे
- 25 जुलाई 2012 को उन्होंने देश के 13वें राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली अपने राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति भवन में कई बदलाव किए उन्होंने राष्ट्रपति भवन को बच्चों के लिए खोला
सम्मान और विशिष्टता
- न्यूयॉर्क से प्रकाशित पत्रिका यूरोमनी के एक सर्वेक्षण के अनुसार 1984 में दुनिया के 5 सर्वोत्तम वित्त मंत्रियों में से प्रणब मुखर्जी भी थे
- 1997 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवार्ड मिला 2008 के दौरान सार्वजनिक मामलों में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से नवाजा गया
- प्रणब मुखर्जी को 26 जनवरी 2019 को भारत रत्न से सम्मानित किया गया
निधन
आज 31 अगस्त 2020 को सर्वाधिक सम्मानित राजनेता पूर्व राष्ट्रपति जी का निधन हो गया वह 21 दिन तक कई बीमारियों से संघर्ष कर रहे थेl आज शाम दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया lआज एक भारत माता के सच्चे सेवक और एक सच्चे सपूत के चले जाने से समूचे राष्ट्र शोकाकुल है lएक कुशल प्रशासक, राष्ट्रहित सर्वोपरि का भाव जीवन में रख ,लोकप्रिय प्रणव दा का जीवन प्रेरणादायक है








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